बौद्ध धर्म

सिद्धांतbuddh poornima
गौतम बुद्ध के गुज़रने के बाद, बौद्ध धर्म के अलग-अलग संप्रदाय उपस्थित हो गये हैं, परंतु इन सब के कुछ सिद्धांत मिलते हैं - प्रतीत्यसमुत्पाद, चार आर्य सत्य, आर्य अष्टांग मार्ग, बोधि।
प्रतीत्यसमुत्पाद - प्रतीत्यसमुत्पाद का सिद्धांत कहता है कि कोई भी घटना केवल दूसरी घटनाओं के कारण ही एक जटिल कारण-परिणाम के जाल में विद्यमान होती है । प्राणियों के लिये, इसका अर्थ है कर्म और विपाक (कर्म के परिणाम) के अनुसार अनंत संसार का चक्र । क्योंकि सब कुछ अनित्य और अनात्मं (बिना आत्मा के) होता है, कुछ भी सच में विद्यमान नहीं है । हर घटना मूलतः शुन्य होती है । परंतु, मानव, जिनके पास ज्ञान की शक्ति है, तृष्णा को, जो दुःख का कारण है, त्यागकर, तृष्णा में नष्ट की हुई शक्ति को ज्ञान और ध्यान में बदलकर, निर्वाण पा सकते हैं । ....


साँची का स्तूप
160 160 160 सांची का बौद्ध स्तूप युनेस्को विश्व धरोहर स्थल राष्ट्र 160 पार्टी 160 भारत प्रकार सांस्कृतिक मानदंड सन्दर्भ ५२४ क्षेत्र† एशिया-प्रशांत शिलालेखित इतिहास शिलालेख १९८९ 160 १३ वां सत्र नाम जो कि विश्व धरोहर सूचि में अंकित है † द्वारा वर्गीकृत क्षेत्र सांची भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन जिले में स्थित एक छोटा सा गांव है। यह भोपाल से ४६ कि.मी. पूर्वोत्तर में तथा बेसनगर और विदिशा से १० कि.मी. की दूरी पर मध्य-प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। यहां कई बौद्ध स्मारक हैं जो तीसरी शताब्दी ई...
वास्तुकला अद्भुत नमूने सांची स्तूप
अद्भुत नमूने हैं सांची के स्तूप स्रोतः प्रीटी स्थानः नई दिल्ली दिनांकः 05 जून 2007 अपलोड समयः 12:04 विश्व विख्यात सांची के स्तूप वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण हैं। सांची सम्राट अशोक के युग के बौद्ध... बौद्ध धर्म अपने चरम पर था उस समयसांची का वैभव भी अपने चरम पर था। भोपाल व विदिशा के बीचोंबीच एक छोटी सी

अतीत से साक्षात्कार कराते है सांची के स्तूप
अतीत से साक्षात्कार कराते है सांची के स्तूप...भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 45... सर्वाधिक प्रसिद्ध मुख्य स्तूप का निर्माण मौर्य सम्राट अशोक ने करवाया था। गौरतलब है कि अशोक की पत्... भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का संग्रहालय है जहां सांची तथा आसपास के क्षेत्रों से मिली विभिन्न

अतीत से साक्षात्कार कराते हैं सांची के स्तूप
अतीत से साक्षात्कार कराते हैं सांची के स्तूप...। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग...किलोमीटर की... सर्वाधिक प्रसिध्द मुख्य स्तूप का निर्माण मौर्य सम्राट अशोक ने करवाया था। गौरतलब है कि अशोक की पत्नी... पुरातत्व सर्वेक्षण विभागका संग्रहालय है जहां सांची तथा आसपास के क्षेत्रों से मिली विभिन्न वस्तुओं का

सेवन वंडर्स की दौड में सांची स्तूप
सात पर्यटन स्थल चुने गए हैं, जिनमें चित्रकूट प्रपात, मांडू, ओरछा, सांची के बौद्धस्तूप, भीमबैठका... इंडिया" अभियान में विश्व धरोहर सांची के बौद्ध स्तूपों को भी शामिल किया गया है। इस अभियान के तहत देश भर... खिताब से नवाजा जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य देश के विभिन्न स्मारकों पर पर्यटन उद्योग को बढावा देना

साँची बुद्ध पावन स्मृति
साँची बुद्ध की पावन स्मृति 12 17 महान स्तूप नं १ 36.5 16.5 पूर्वी द्वार यहॉँ युवा राजकुमार गौतम का... स्तूप २ यह पूरी पहा़डी के किनारे पर फैला है। इसके चारों ओर बना पत्थर का घेरा देखने लायक है। स्तूप ३ महान... अवशेष रखे हैं। अशोक स्तंभ दिक्षणी द्वार के समीप महान



श्रावस्तीShravasti
भारतवर्ष के उत्तर प्रदेश प्रांत के गोंडा-बहराइच जिलों की सीमा में पर यह प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थान है गोंडा-बलरामपुर से १२ मील पश्चिम मे आज का सहेत-महेत गांव ही श्रावस्ती है प्राचीन काल में यह कौशल देश की दूसरी राजधानी थी भगवान राम के पुत्र लव ने इसे अपनी राजधानी बनाया था श्रावस्ती बौद्ध जैन दोनो का तीर्थ स्थान है तथागत दीर्घ काल तक श्रावस्ती मे रहे थे यहां के श्रेष्ठी अनाथपिण्डिक असंख्य स्वर्ण मुद्रायें व्यय करके भगवान बुद्ध के लिये जेतवन बिहार बनवाया था अब यहां बौद्ध धर्मशाला मठ और मन्दिर हैं...
दर्शनdarshan
क्षणिकवाद
इस दुनिया में सब कुछ क्षणिक है और नश्वर है। कुछ भी स्थायी नहीं। परन्तु वेदिक मत से विरोध है।
अनात्मवाद
आत्मा नाम की कोई स्थायी चीज़ नहीं। जिसे लोग आत्मा समझते हैं, वो चेतना का अविच्छिन्न प्रवाह है ।
अनीश्वरवाद
बुद्ध ईश्वर की सत्ता नहीं मानते क्योंकि दुनिया प्रतीत्यसमुत्पाद के नियम पर चलती है। पर अन्य जगह बुद्ध ने सर्वोच्च सत्य को अवर्णनीय कहा है । कुछ देवताओं की सत्ता मानी गयी है, पर वो ज़्यादा शक्तिशाली नहीं हैं
दलाईलामा ने किए बुद्ध की अस्थियों के दर्शन
वाराणसी। परम पावन दलाई लामा के दर्शन के लिए मंगलवार को मूलगंध कुटी विहार में तिब्बतियों का सैलाब... बने बौद्ध मंदिर में गये। दलाई लामा ने बुद्धप्रतिमा की परिक्रमा के बाद महात्मा बुद्ध की पवित्र अस्थियों का दर्शन करने के बाद तिब्बती बौद्ध मंदिर चले गए। दलाई लामा का कार्यक्रम खुले मैदान में आयोजित

भगवान बुद्ध
याहू! मेरा याहू! मेल चित्र खोज मुख पृष्ठ धर्म-दर्शन धार्मिक चित्र सिद्धार्थ बुद्धतथागत गौतम बुद्ध बुद्ध स्वामी स्रोत वेबदुनिया) ग्रह-नक्षत्र वास्तुशास्त्र भारतीय वास्तुशास्त्र की भाँति फेंगशुई चीन का वास्तु विज्ञान है, जिसका शाब्दिक अर्थ है, विंड एंड वाटर अर्थात हवा और पानी, जो जीवन के आवश्यक

बुद्ध के पदचिह्न
रेलवे सूचना प्रणाली केन्द्र                    भारतीय रेल आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचाने में मदद करता है।...बुद्ध के पदचिह्नों पर...दो हजार पांच सौ वर्ष पहले महात्मा बुद्ध अपना राज-पाट त्याग कर बोधगया गए, जहां उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। इस महान अनुदेशक का अनुसरण करें और उनके दर्शन को पुनर्जीवित

बुद्ध
करने के लिये भेज दिया।...हिन्दू धर्म में बुद्ध...में बाद में को...का एक अवतार माना गया है। लेकिन इसे... की आवश्यकता है...3. जब वह सभी प्रकार के सामाजिक भेदभावों को मिटा दे...जब वह आदमी और आदमी के बीच की

बुद्ध पूर्णिमा प्राप्त किया भगवान बुद्ध
पर हैं निगाहें चुटकुले कार्टून फोटो गैलरी डेस्कटॉप ग्राफ में खबर बुद्ध पूर्णिमा को ज्ञान प्राप्त किया था भगवान बुद्ध ने स्रोतः शुभा दुबे स्थानः नई दिल्ली दिनांकः 13 मई 2006 अपलोड समयः गौतम बुद्ध का जन्म बैसाख माह की पूर्णिमा को हुआ था। उनके जन्मदिन को बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है। गौतम बुद्ध

श्रावस्ती
श्रावस्ती... 21 जुलाईः उत्तरप्रदेश के भिगना कोतवाली क्षेत्र में कल रात यात्रियों से भरी एक बस पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में 32 यात्री घायल हो गए जिनमें चार की हालत गंभीर ...फायदे की बात

श्रावस्ती
28 फरवरी : इलाहाबाद बैंक द्वारा जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में दोनों जनपदों का ऋण शिविर आज आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता श्यामजी मेहरोत्रा महाप्रबंधक

श्रावस्ती नगर कृशा
समाचार विदेशों में शिक्षा करियर विकल्प आलेख शासकीय अवसर प्रवेश अवसर मनपसंद करियर भाषा और करियर गुरु-मंत्र मुख्य पृष्ठ खबर-संसार करियर गुरु-मंत्र सुझाव/प्रतिक्रिया

बहराइच व श्रावस्ती में खाद का संकट बढ़ने से किसान परेशान
बहराइच व श्रावस्ती में खाद का संकट बढ़ने से किसान परेशान...बहराइच । –खेतै खाद न भरै किसाना, उसके घर... की यह कहावत हिमालय की तराई में बसे बहराइच व श्रावस्ती जिलों में इन दिनों सटीक बैठ रही है। किसान रबी......बहराइच व श्रावस्ती में खाद का संकट बढ़ने से किसान परेशान...उदित राज देंगे मायावती को मात...आस्ट्रेलियाई

बौद्ध तीर्थ स्थलों विकास
हिन्दी फोन्ट डाउनलोड़ करें मुद्रण योग्य पृष्ठ बैनर के साथ हाँ । नही 13 मार्च 2007 पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालय बौद्ध तीर्थ स्थलों का विकास पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्रीमती अंबिका सोनी ने आज राज्यसभा... यह परियोजना उत्तर प्रदेश के सारनाथ कुशीनगर कपिलवस्तु श्रावस्ती सनकिसा स्थलों को शामिल करेगी। 110 001




बुद्ध के परिनिर्वाण स्थल के रूप में कुशीनगर की मान्यता
बुद्ध के परिनिर्वाण स्थल के रूप में कुशीनगर की मान्यता पर विरोध...महात्मा बुद्धके परिनिर्वाण स्थल... कि महात्मा बुद्ध का वास्तविक महा परिनिर्वाण स्थल मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत कुशी (कांटी) है किंतु... मान्यता है कि महा-परिनिर्वाण से पूर्व महात्मा बुद्ध अरार, भटौना, जीयन, हरचन्दा, श्यामपुर भोला, पानापुर

कुशीनगर
में बुद्ध ने देह छोड़ी थी. जाहिर है वे भूख से तड़पकर नहीं मरे थे. उनका देह छोड़ना महापरिनिर्वाण कहलाया था...कहते हैं आलोक तोमर किसी जमाने में पत्रकारिता की आंधी हुआ करते थे. उन्होंने क्राईम और मानवीय त्रासदी की रिपोर्टिंग को एक नया अंदाज दिया था. तो क्या आज आलोक तोमर चुक गये हैं नहीं वे नेपथ्य

बौद्ध तीर्थ कुशीनगर
बौद्ध तीर्थ कुशीनगर...यहाँ बुद्ध चिरनिद्रा में हैं...अंकित श्रीवास्तव...तथागत, भगवान राम, अजञेय... अपने सुनहरे आकर्षण के कारण सभी का मन मोह लेता है।...महापरिनिर्वाण मंदिर ...कुशीनगर का महत्‍व... गुफाओं के डाट की तरह हैं। इसमंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी हुई (भू-स्‍पर्श मुद्रा) 6 मीटर लंबी मूर्ति

बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण जरूरी कलाम
...महात्मा बुद्ध के 2550वें परिनिर्वाण दिस पर अपने एक दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर मंगलवार को कुशीनगर स्थित... बड़िया नही...बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण जरूरी: कलाम...बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण जरूरी: कलाम...संबंधित ख़बर...इस ख़बर से मिलती कोई ख़बर नही...कुशीनगर/प्रतापगढ़। राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण जरूरी कलाम
के 2550वें परिनिर्वाण दिवस पर अपने एक दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर कुशीनगरस्थित महापरिनिर्वाण मंदिर...बृहस्पतिवार मई 3 2007 समय...उत्तर प्रदेश...क्या भारत में औघोगिक विकास क्षेत्रीय असंतुलन का शिकार है...कैटेगरी चुनें...रहस्य रोमांच...संक्षिप्त समाचार...स्पोर्ट्स रिकार्ड...तारीख चुनें...बुद्ध की


सारनाथ
सारनाथ सारनाथ का बौद्ध स्तूप 160 सारनाथ 160 प्रदेश 160 - 160 जिला उत्तर प्रदेश 160 - 160 वाराणसी निर्देशांक 25.3811° 160 83.0214° 160 क्षेत्रफल 160 वर्ग कि.मी. समय मण्डल भा॰मा॰स॰ स॰वि॰स॰ +५:३० जनसंख्या २००१ 160 - 160 घनत्व 160 - 160 /वर्ग कि.मी. सारनाथ काशी के सात मील पूर्वोत्तर में स्थित बौद्धों का प्राचीन तीर्थ है ज्ञान प्राप्ति के पश्चात भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश यही दिया था यहीं से उन्होने "धर्म चक्र प्रवर्तन" प्राम्भ किया था यहां पर सारन्गनाथ महादेव का मन्दिर भी है जहां श्रावण के महि...
सारनाथ बौद्ध धरोहर चमत्कत देती
पर हैं निगाहें चुटकुले कार्टून फोटो गैलरी डेस्कटॉप ग्राफ में खबर भ्पदकप वतक ...सारनाथ की बौद्ध... भारत के सबसे महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थलों की सूची बनाई जाए तो सारनाथ का नाम पहली पंिक्त में आएगा। सारनाथ... सारनाथ को जो सड़क जाती है उसके बाएं किनारे पर बना हुआ चौखंडी स्तूप इस स्थल की विशेषता को भी दर्शाता

सारनाथ में जुटेंगे एक लाख बौद्ध अनुयायी
कि लाखों बौद्ध अनुयायी प्रतिवर्ष सारनाथ आते हैं।...लेख को दर्जा दें... वोट काऔस...इस पृष्ठ की...सारनाथ में जुटेंगे एक लाख बौद्ध अनुयायी...वाराणसी। उत्तरप्रदेश के सारनाथ में आगामी जनवरी में एक लाख... तिब्बती बौद्ध अनुयायीसारनाथ में एकत्र होने जा रहे हैं।...तिब्बतियोंके धर्मगुरु दलाईलामा अपने

सारनाथ सामान्य परिचय
बौद्ध जगत के लिए ज्ञान के प्रकाश का एक अनूठा प्रतीक बन गया।...बुद्ध नेसारनाथ में भिक्षुओं के लिए...-चुवांड ने सारनाथ का विशद वर्णन किया है। उसके अनुसार यहाँ अशांक द्वारा निर्मित धर्मराजिका स्तूप तथा... होने के कारण जैन मतावलंबियों के लिए भी इस स्थल का अपना एक अलग महत्व है।...सारनाथवाराणसी कैन्ट

बौद्ध
के नागानो शहर स्थित जेंकोजी मठ ने शुक्रवार को ओलंपिक मशाल दौड़ का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया।... के वाराणसी से 15 किलोमीटर दूर सारनाथ के केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान में शुरु ...फायदे की

बौद्ध
का चौथा सबसे बड़ा धर्म है...बुद्ध" वे कहलाते हैं जिन्होने सालों के ध्यान के बाद यथार्थता का सत्य भाव... अपनी बुद्धि को शुद्ध करे...धर्म का अन्तिम लक्ष्य है इस दुःख भरी स्थिति का अंत...मैं केवल एक ही पदार्थ... कि सब का जन्म होता है, सब का बुढ़ापा आता है, सब को बीमारी होती है, और एक दिन, सब की मौत होती है


 
बोधगयाBodh Gaya
बोधगया बोधगया का महाबोधि मंदिर 160 बोधगया 160 प्रदेश 160 - 160 जिला बिहार 160 - 160 गया निर्देशांक 24.695° 160 84.991° 160 क्षेत्रफल 160 वर्ग कि.मी. समय मण्डल भा॰मा॰स॰ स॰वि॰स॰ +५:३० जनसंख्या २००१ 160 - 160 घनत्व ३० ८८३ 160 - 160 /वर्ग कि.मी. बिहार की राजधानी पटना के दक्षिणपूर्व में लगभग १०० किलोमीटर दूर स्थित बोधगया गया जिले से सटा एक छोटा शहर है। कहते हैं बोधगया में बोधि पेड़़ के नीचे तपस्या कर रहे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. तभी से यह स्थल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत मह...
महाबोधि मंदिर परिसर बोधगया
ने ईसा पूर्व 3 री शताब्दी में बनवाया था और वर्तमान मंदिर 5 वीं से 6 वीं शताब्दीका है. यह भारत में... भी विद्यमान है...अभिलेख की प्रामाणिकता...विशाल 50 मीटर ऊँचा महाबोधि मंदिर 5 वीं से 6 ठी शताब्दी का है... है. तराशा गया पत्थरका जंगला पत्थर में शिल्प का प्रारंभिक उत्कृष्ट उदाहरण है...बोधगया का महाबोधि
मंत्रोच्चार से गूंज रहा महाबोधि मंदिर
बोधगया (गया) । विश्वदाय धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर में 26 वां काग्यू मोनलम पूजा समाप्ति के पश्चात... धर्मग्रंथ में वर्णित मंत्रों का सामूहिक पाठ पारंपरिक वाद्ययंत्र के साथ कर रहे हैं। जिससे महाबोधि मंदिर परिसर गुंजायमान है। 15 जनवरी से बोधगया पेनानस कमेटी का आठ दिवसीय फास्टिंग प्रेयर पूजा, 16 जनवरी से

महाबोधि मंदिर में दरारें
महाबोधि मंदिर में दरारें...दुनिया भर के बौद्ध मतावलिम्बयों के लिए श्रद्घा का केंद्र तथा वर्ष 2002 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में कई स्थानों पर दरारें आ गई हैं और मंदिर... महाबोधि मंदिर को विश्व धरोहर कादर्जा दिया था। इसमें दरार आने को हम गंभीरता से लेते हैं और इसके

महाबोधि मंदिर में पड़ी दरारें
श्रद्धा का केंद्र तथा वर्ष 2002 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित बोधगया स्थितमहाबोधि मंदिर में कई स्थानों...महाबोधि मंदिर में पड़ी दरारें...महाबोधि मंदिर में पड़ी दरारें...विश्व धरोहर दर्जे के लिए खतरे का... वर्ष 2002 में यूनेस्को ने महाबोधिमंदिर को विश्व धरोहर का दर्जा दिया था।...इसमें दरार आने को हम गंभीरता

महाबोधि मंदिर अब विश्व विरासत
...बोधगया के प्रशासक ब्रजेश मेहरोत्रा का कहना है कि बिहार सरकार मंदिर की मरम्मत और बोधगया नगर में...गुरुवार, 19 फ़रवरी, 2004 को 16:34 तक के समाचार...महाबोधि मंदिर अब विश्व विरासत...कार्यक्रम में... मंदिर को संयुक्त राष्ट्र ने विश्व विरासत का दर्जा दिया है...दीपों की रोशनी में सैकड़ों भिक्षुओं के
दार्शनिक मतmat
शून्यतावाद महायान बौद्ध संप्रदाय का प्रधान दर्शन है। विज्ञानवाद, बाह्यानुमेयवाद, बाह्य-प्रत्यक्षवाद
बौद्ध
...बुद्ध की पूजा करता है...ये थेरावादियों को "हीनयान" (छोटी गाड़ी...दार्शनिकमत...शून्यतावाद महायान... भी स्थायी नहीं...परन्तु वेदिक मत से विरोध है।...आत्मा नाम की कोई स्थायी चीज़ नहीं...समझते हैं, वो

पुष्टि-काव्य की दार्शनिक पृष्ठभूमि
स्वरूप और किशोर स्वरूप, संपूर्णत: प्रगट होता है। इससे पहले बौद्ध दार्शनिक-लेखक अश्वघोष के बुद्धचरित में... आस्वादन करने के लिये उसके सांप्रदायिक संदर्भ या सैद्धांतिक आधार या दार्शनिक पृष्ठभूमि का ज्ञान आवश्यक... किया जा सकता है। फिर भी पुष्टि-काव्य के सांप्रदायिक संदर्भ और सैद्धांतिक आधार तथा दार्शनिक

उपनिषदें यानी भारत का सर्वश्रेष्ठ दार्शनिक साहित्य
शंकराचार्य की न होकर उनके किसी उत्तराधिकारी की मानी जाती है। शंकर जैसे मौलिक और प्रामाणिक दार्शनिक द्वारा इस तरह महत्व मिल जाने पर इन तेरह उपनिषदों का महत्व मानो और भी पुख्ता हो गया। देश का विराट दार्शनिक चिंतन इन उपनिषदों में हमारे यहां पनपे नौ दार्शनिक स्कूलों में सुरक्षित है। इन नौ सम्प्रदायों में

भारतीय दार्शनिक सिद्धांत
अर्थात्‌ ... प्राप्त करने वाला। 2 प्रमेय अर्थात्‌ जिसका ज्ञान प्राप्त करना अभीष्ट है।3 ज्ञान और 4 प्रमाण अर्थात ज्ञान प्राप्त करने का साधन। वैशेषिक दर्शन : महर्षि कणाद ने इस दार्शनिक मत द्वारा ऐसे... ये दार्शनिक सिद्धांत क्या हैं और उनके प्रणेता कौन-कौन हैं। न्याय : तर्क प्रधान इस प्रत्यक्ष विज्ञान

हिन्दू दार्शनिक चिन्तन के सोपान
तत्पश्चात उसका सूक्ष्म शरीर है जो युग-युगान्तरों तक बना रहता है और तत्पश्चात जीव है वेदान्त मत के अनुसार यह... वही नित्य विधाता है द्वैतवादियों का यहीमत है तब यह प्रश्न उठता है कि यदि इस सृष्टि का विधाता ईश्वर... नजर ब्लागर्स पर तिथिवार लेख संग्रह 
साम्प्रदायsampraday
बौद्ध धर्म में दो मुख्य साम्प्रदाय हैं:
थेरवाद या हीनयान बुद्ध के मौलिक उपदेश ही मानता है ।
महायान बुद्ध की पूजा करता है । ये थेरावादियों को "हीनयान" (छोटी गाड़ी ) कहते हैं ।....

बौद्ध
आईं ...वाराणसी 15 फरवरीः धर्म संस्कृति संगम के तत्वावधान में दो दिवसीय महासम्मेलन कल से उत्तर प्रदेश

बौद्ध
विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से...बुनियादी मनोभाव...अहम व्यक्ति...क्षेत्रानुसारधर्म...साम्प्रदाय...साहित्य...से निकला धर्म और दर्शन है...इसके प्रस्थापक महात्मा बुद्ध शाक्यमुनि...वे छठवीं से पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व तक जीवित थे...उनके गुज़रने के अगले पाँच शताब्दियों में, धर्म पूरे भारतीय

बौद्ध धर्म
श्रीमद्‍भगवतगीता हिन्दू धर्म जैन धर्म ईसाई धर्म सिख धर्म इस्लाम धर्म अन्य धर्मआज का पंचांग वर्ष के व्रत-त्योहार आलेख समाचार धार्मिक स्थल ध्यान व योग संत-महापुरुष प्रवचन तंत्र-मंत्र श्रीरामचरितमानस मुख्य पृष्ठ धर्म-संसार धर्म-दर्शन 07 दिसंबर 2007 बुद्ध की सीख पिछले सन्दर्भ 06 30 11 21

कई हिंदुओं ने बौद्ध धर्म अपनाया
सोमवार, 27 अक्तूबर, 2003 को 13:15 तक के समाचार...कई हिंदुओं ने बौद्ध धर्मअपनाया...पटना से मणिकांत... धर्मांतरण के बाद 82 हिंदू बौद्ध धर्म में शामिल हो गए...महाबोधि मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में... से शुरू हुए इस कार्यक्रम में अब तक एक हज़ार लोगों को बौद्ध धर्म में शामिल किया गया है जिनमें
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कभी चीन में प्रतिबंधित था बौद्ध धर्म
बिजींग। भारत में बौद्ध धर्म की शुरुआत छठीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुई। मध्यम [मज्झिम] मार्गी होने के... चीन से फाह्यंान व ह्वेनसांग जैसे भिक्षु बौद्ध धर्म को जानने के लिए भारत आए। चीन में कनफ्यूशियस, ताओ और शिंतो धर्म के साथबौद्ध धर्म का आज भी अहम स्थान है। लेकिन कभी इसके प्रसार पर यहां प्रतिबंध लगाया

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